Stock Rom Vs Custom Rom क्या हैं दोनों में अंतर क्या हैं

हैलो दोस्तों आज की पोस्ट में हम Stock Rom Vs Custom Rom के बारे में जानेंगे और यह भी जानेंगे कि इन दोनों में आप के लिए कौन सा बढ़िया हैं । अगर आप एक एंड्रॉयड फोन का इस्तेमाल करते हैं और आपको अपने फोन के वर्ज़न को अपडेट करना हैं तो आप अभी न अभी custom रोम के बारे में जरूर सुने होंगे तो बिना समय गवाये चलिए जानते हैं कि Custom Rom Kya Hai और Stock Rom Kya Hai.

Stock Rom Kya Hai( स्टॉक रोम क्या हैं ):-

Stock Rom आपके फोन का Original रोम होता हैं जब आप कोई फोन को खरीदते हैं तो उसमें पहले से जो रोम पड़ा होता हैं उसको Stock Rom कहते हैं । इस प्रकार के रोम में Bug के Chance कम होते हैं क्योंकि अगर कोई Bug होता हैं तो उसको कंपनी अपडेट के द्वारा सही कर देती हैं । स्टॉक रोम में आपको कुछ लिमिटेड फीचर ही मिलते हैं ।

जैसे कि मान लीजिए अगर आपका फोन Lolipop(5.0) वर्ज़न का हैं और आप उसको Oreo (8.0) वर्ज़न में कन्वर्ट करना चाहते हैं तो यह काम आप स्टॉक रोम के साथ नहीं कर सकते जब तक कि कंपनी आपको उस वर्ज़न का अपडेट नहीं देती । कभी कभी देखा गया हैं कि नए अपडेट के बाद फोन स्लो हो जाता हैं तो इस केस में आप अगले अपडेट का इंतजार करने के सिवा आप कुछ भी नहीं कर सकते हैं ।(Stock Rom Vs Custom Rom)

स्टॉक रोम में आप सिस्टम के साथ ज्यादा कुछ बदलाव नहीं कर सकते हैं क्योंकि कंपनी इसकी एजाजत आपको नहीं देती हैं ।(Stock Rom Vs Custom Rom)

Custom Rom Kya Hai( कस्टम रोम क्या हैं ):-

Custom Rom Kya Hai ये सवाल बहुत से लोगों के मन में आता हैं तो चलिए जानते हैं इसके बारे में , तो Custom Rom एक थर्ड पार्टी रोम होता हैं जो की किसी अन्य डेवलपर के द्वारा बनाया गया होता हैं । इस प्रकार के रोम को आप अपने फोन में तभी डाल सकते हैं जब आपका फोन रूट होगा ।(Stock Rom Vs Custom Rom)

इस प्रकार के रोम में आप सभी तो बहुत से कास्टमाइज़ करने के फीचर मिल जाएंगे । कस्टम रोम में आप सिस्टम में कुछ भी बदलाव कर सकते हैं लेकिन इस प्रकार के रोम में बहुत से Bug मिलते हैं क्योंकि डेवलपर इसको अपने हिसाब से कास्टमाइज़ किया होता हैं ।

अगर आपको अपने फोन के लिए कस्टम रोम डाउनलोड करना हैं तो आप बस गूगल पर अपने फोन का modal नंबर डाल कर आगे कस्टम रोम डाउनलोड डाल से फिर आपको बहुत से कस्टम रोम मिल जाएगा उनमें से आप अपने हिसाब से चूज़ कर सकते हैं । कस्टम रोम डालने के लिए आपके फोन में कस्टम रिकवरी को भी डालना जरूरी हैं तो सबसे पहले अपने फोन में Custom Recovery/ Twrp रिकवरी को इंस्टॉल कर ले। अब Stock Rom Vs Custom Rom में अंतर जान लेते हैं । (Custom Rom Kya Hai)

Stock Rom Vs Custom Rom दोनों में अंतर :-

  • Stock रोम मोबाईल कंपनी के डेवलपर के द्वारा बनाया जाता हैं जबकि Custom Rom कोई भी बना सकता हैं जिसको भी कोडिंग की नालेज हो ।
  • Stock Rom की सिक्युरिटी अच्छी होती हैं जबकि Custom Rom की सिक्युरिटी का कोई भरोसा नहीं किया जा सकता क्योंकि ये थर्ड पार्टी डेवलपर के द्वारा बनाया जाता हैं ।
  • Stock Rom में Bug कम पाए जाते हैं जबकि Custom रोम में बहुत से Bug हो सकते हैं जो की सही नहीं होने वाले होते हैं ।
  • Stock रोम मे आपको हमेशा कंपनी के द्वारा अपडेट मिलते रहते हैं जबकि कस्टम रोम मे अपडेट नहीं आते हैं ।
  • कस्टम रोम में आप सिस्टम में कुछ भी बदलाव कर सकते हैं जबकि स्टॉक रोम में ऐसा नहीं हैं ।(Stock Rom Kya Hai)
  • कस्टम में आप अपने एंड्रॉयड वर्ज़न को बढ़ा सकते हैं जबकि स्टॉक रोम में आप ऐसा कुछ नहीं कर सकते हैं ।(Stock Rom Kya Hai)
  • कस्टम रोम डालते समय आपका फोन खराब भी हो सकता हैं सबकी स्टॉक रोम सेफ होता हैं ।(Custom Rom Kya Hai)
  • कस्टम रोम का इस्तेमाल करने से आपका फोन हैक भी हो सकता हैं क्योंकि इसके लिए आप अपने फोन को रूट करते हैं और रूट के बाद मोबाईल हैक होने का खतरा बढ़ जाता हैं ।(Custom Rom Kya Hai)

Conclusion :-

उम्मीद हैं Stock Rom Vs Custom Rom के बारे में आपकी सभी डाउट क्लेयर हो गए होंगे अगर फिर भी आपको कोई सवाल हैं तो आप हमें उसे कमेन्ट में पूछ सकते हैं और हमें यह भी बताए कि आपको हमारा यह पोस्ट कैसा लगा । आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ भी शेयर कर सकते हैं ताकि उन्हे भी इनके बारे में पता चले ।(Custom Rom Kya Hai)

पोस्ट को आखरी तक पढ़ने के लिए धन्यवाद आपका दिन मंगलमय हो । ज्यादा जानकारी के लिए howcando.in पर जाए ।

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