Goldfish ka Scientific Naam kya hai | गोल्डफिश का साइंटिफिक नाम क्या है

Goldfish ka Scientific Naam kya hai? गोल्डफिश का साइंटिफिक नाम क्या है । यह सवाल आजकल बहुत चर्चे में हैं । बहुत से पेपर में यह question पूछा जाता हैं । बहुत से अलग अलग परीक्षों में गोल्डफिश का वैज्ञानिक नाम पूछा गया हैं और पूछा जाता भी हैं । गोल्डफिश को सुनहरी मछली के नाम से भी जाना जाता हैं । क्योंकि इसका रंग गोल्डन होता हैं और ये मछली सोने के जैसे चमकती हैं । इस मछली को लोग अक्सर अपने घरों में रखते हैं क्योंकि यह मछली देखने में काफी अच्छी लगती हैं । परीक्षाओ में अक्सर ये प्रश्न पूछे जाते हैं कि सुनहरी मछली किसे कहा जाता हैं ।

Goldfish ka Scientific Naam kya hai? | गोल्डफिश का साइंटिफिक नाम क्या है ?

goldfish ka scientific naam kya hai यह सवाल बहुत लोगों के मन में होता हैं तो Goldfish का Scientific नाम Carassius auratus । हिंदी में गोल्डफिश का साइंटिफिक नाम कैरासियस ऑराटस है। अपने गोल्डन रंग के कारण इसको आसानी से पहचाना जा सकता हैं । Goldfish को Golden crucian carp भी कहा जाता है और हिंदी भाषा में गोल्डफिश को “सुनहरी मछली” कहा जाता है। यह दुनिया की सबसे ज्यादा सजाने मे उपयोग होने वाली मछलियों में से एक है । इसको लोग बहुत ही शौक से अपने घरों में सजाने के लिय उपयोग करते हैं । क्योंकि यह देखने में बहुत ही शांत और खूबसूरत होती हैं । यह सबसे ज्यादा चीन देश में पाई जाती हैं । चीन मे इसका इस्तेमाल सदियों से होता आ रहा हैं ।

इसका आकार लगभग 20CM तक होता हैं । इसका लैटिन नाम कैरासियस गिबेलियो फॉर्मा ऑराटस हैं । ये ज्यादातर मीठे पानी में पाई जाती हैं और इसको हमेसा मीठे पानी में ही रखा जाता हैं । इनका भोजन शैवाल, कीट, लार्वा, आदि होता हैं लेकिन आजकल बहुत से फिश फूड आ गए हैं जिसका इस्तेमाल लोग अब अपने घर में रखे गोल्डफिश को खाना देने में कर रहे हैं ।

ये भी पढ़ें :-

Goldfish कहाँ से उत्पन्न हुई है

 

goldfish ka scientific naam kya hai

गोल्डफिश की उत्पत्ति को सबसे पहले चीन में माना जाता हैं । चीन के जिंहुआन जब लुशान पर्वत पर पहुंचे तो उन्होंने देखा की एक झील लाल चमड़ी वाली सुनहरी मछलियों से भरी हुई थी। झील में लाखों की संख्या में मछलिया थी और उनकी चमड़ी बहुत ज्यादा चमकदार थी । यह सुनहरी चमड़ीवाला मछली Goldfish का सबसे पुराना पूर्वज था । सबसे पहले इसको चीन के जिन राजवंश के लोगों के खोजा था । उसके बाद इसको मिंग और किन राजवंशों के लोगों ने इसको पाला और अपने घरों की शोभा बढ़ाने के काम में लिया । बाद में चीन के वैज्ञानिकों ने इनकी संख्या बढ़ाने मे काफी योगदान दिया । इसके बाद यह धीरे धीरे पूरे विश्व में फैलती गई और आज हमारे घरों की भी शोभा बढ़ाती हैं ।

Goldfish का आकार कैसा होता है?

 

goldfish ka scientific naam kya hai

लोग ज्यादातर गोल्डफिश लो घर मे एक्वैरियम मे सजाकर रखना पसंद करते हैं । आकार मे छोटा होने के कारण यह छोटे से छोटे एक्वैरियम में भी आसानी से रह जाती हैं । इनके शरीर के हिसाब से इसके पंख काफी छोटे होते हैं जो की देखने में काफी सुंदर लगते हैं । यह कई आकार के होते हैं कुछ 1-2 इंच के छोटे goldfish होते हैं तो कुछ का आकार 5-6 इंच का होता हैं । यह 14 इंच या 36cm तक बढ़ सकते हैं । वैसे तो हम जिस तरह के goldfish को देखते है जिन्हे लोग घरों में सजाते हैं वो 5-6 इंच तक की होती हैं । इनके शरीर का रंग इनको बहुत सुंदर बनाता हैं और इनका इस्तेमाल खाने के लिए नहीं किया जाता हैं यह बस सजावट में ही इस्तेमाल होती हैं ।

गोल्ड फिश (Goldfish) का साइंटिफिक वर्गीकरण

गोल्डफिश का वैज्ञानिक नाम क्या है  (Scientific Name) कैरासियस औराटस (Carassius auratus)
गोल्डफिश का हिंदी में नाम सुनहरी मछली
गोल्डफिश की जाति कैरासियस
गोल्डफिश का निवाश स्थान मीठा पानी
गोल्डफिश का मूल श्रोत चीन
गोल्डफिश का आकार 20 Cm
PH रेंज 6.5 से 8.5
गोल्डफिश का वजन 3 किलो तक हो सकता हैं 
सम्भोग का समय अप्रैल-मई
गोल्डफिश की लंबाई 45 सेंटीमीटर तक हो सकती हैं 
गोल्डफिश का भोजन शैवाल,लार्वा,कीट आदि

Goldfish कैसे वातावरण में रहती है?

Goldfish एक शांत स्वभाव की मछली हैं लेकिन कई बार ये आक्रामक भी हो जाती हैं । इनके लिए एक अनुकूल वातावरण होना जरूरी हैं क्योंकि बिना अनुकूल वातावरण के के जीवित नहीं रह पाती हैं । ये हमेशा मीठे पानी में ही रहना पसंद करती हैं कुछ ऐसी भी Goldfish की प्रजाति हैं जो खारे पानी में भी जीवित रह जाती हैं । यह एक सर्वाहारी जीव हैं जो की समुद्री पेड़ पौधों के आलवा कुछ छोटे छोटे कीटों को भी खाती हैं । इनके लिए 19 से 26 डिग्री का तापमान उत्तम होता हैं । क्योंकि इनको न ज्यादा गर्मी और न ही ज्यादा ठंड पसंद हैं । यह समुन्द्र की गहराई मे पाई जाती हैं ।

गोल्डफिश से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

 

goldfish ka scientific naam kya hai

  • Goldfish ka Scientific Naam कैरासियस ऑराटस है और इसको सुनहरी मछली के नाम से भी जाना जाता हैं । इसका लैटिन नाम कैरासियस गिबेलियो फॉर्मा ऑराटस हैं ।
  • इसकी खोज सबसे पहले चीन में हुई थी । ये लगभग 15 साल तक जिंदा रह सकती हैं । लेकिन कुछ ऐसे भी गोल्डफिश होती हैं जिनकी अगर अच्छे से देखभाल करे तो 30 सालों तक भी जिंदा रह सकती हैं ।
  • गोल्डफिश के पूर्वज लाल रंग के चमकदार चमड़ी वाले थे जो कि सबसे पहले चीन में देखे गए थे ।  
  • यह नारंगी रंग की होती हैं । कुछ तो नारंगी और मिले रंग की होती हैं और कुछ गोल्डफिश की प्रजाति सफेद रंग की भी होती हैं जिनपर काले धब्बे होते हैं ।
  • गोलाकार मछली के गहन प्रजनन प्रयासों ने सदियों से विभिन्न प्रकार के शरीर और सिर के आकार, उभरी हुई आँखें, और घूंघट की तरह और भुरभुरा पंखों वाली प्रजातियों का उत्पादन किया है।
  • गोल्डफिश आकार मे 14 इंच तक बढ़ सकती हैं लेकिन आजकल एक्वैरियम मे होने के कारण उनकी लंबाई अपेक्षाकृत नहीं बढ़ पा रही हैं और वो कुछ इंच ही बढ़ प रही । यदि इसको खुले समुन्द्र में अच्छे वातावरण में रखा जाए तो यह 10 इंच से ज्यादा लंबी होंगी ।
  • सुनहरीमछली की उम्र लंबी होती है और अगर ठीक से देखभाल की जाए तो यह तीस साल तक जीवित रह सकती है।
  • गोल्डफिश के अच्छे स्वस्थ के लिए इसको कम से कम 30 लीटर प्रति मछली के हिसाब से पानी होना चाहिए और पानी को समय के साथ साथ बदलते रहना भी आवश्यक हैं ।
  • यह सर्वाहारी मछली होती हैं समुद्री पौधों के साथ साथ यह छोटे छोटे कीटों ,मच्छरों आदि को खाती हैं । आजकल तो मछली का खाना बाजार में आसानी से उपलब्ध हैं ।

  • सुनहरा रंग होने के कारण इनका शिकार बहुत जल्दी हो जाता हैं । बड़े जानवर इनको आसानी से इनके रंग के कारण पहचान लेते हैं ।

GoldFish (सुनहरी मछली) की विभिन्न प्रजाति

गोल्डफिश का साइंटिफिक नाम क्या हैं गोल्डफिश का साइंटिफिक नाम जानने के बाद चलिए आपको इनकी कुछ प्रजातियों के बारे में बता दे । जिनके बारे में बहुत कम लोगों को मालूम हैं । साथ साथ इनके नाम भी हम आपको बताएंगे जिससे आप इनके बारे में ज्यादा जान सके तो चलिए गोल्डफिश के विभिन्न प्रजातियों के बारे में जानते हैं ।

  • आम सुनहरीमछली
  • काले मूर
  • बब्ल आई
  • दिव्य आंखें
  • धूमकेतु (कोमेट)
  • फैनटेल (पंखे नुमा पूंछ वाली)
  • सिंह मस्तिष्क
  • ओरानडा
  • पर्लस्केल
  • पोमपोम
  • रयुकिन
  • शुबनकिन
  • दूरबीन आंख
  • रैनचु
  • पांडा मूर
  • वेलटेल
  • तितली पूंछ

Gold Fish की देखभाल कैसे करें

सिर्फ सुनहरी मछली ही नहीं, सभी प्रकार की मछलियों की अच्छी देखभाल करना बहुत जरूरी है। सुनहरीमछली की देखभाल करने के लिए आपको सबसे पहले अपनी मछली के रहने के लिए कांच का एक्वेरियम स्थापित करना होगा। समुद्र में पाई जाने वाली सभी प्राकृतिक चीजों को भी एक्वेरियम में लगाना चाहिए। इन सभी प्राकृतिक चीजों के लिए आप अपने नजदीकी मछली की दुकान पर जा सकते हैं।
 

Goldfish के लिए एक्वेरियम का चुनाव

गोल्डफिश का साइंटिफिक नाम क्या है हम सलाह देते हैं कि आप जो भी एक्वेरियम या कटोरा चुनें, यह ध्यान रखें कि यह जितना बड़ा होगा, आपकी मछली उतनी ही अधिक समय तक जीवित रहेगी। मछली का आकार भी मछली टैंक के आयाम पर निर्भर करेगा।
 

एक्वेरियम की सजावट कैसे करें

गोल्डफिश का साइंटिफिक नाम क्या है फिश टैंक को सुंदर और आकर्षक बनाने के लिए आप कृत्रिम पौधे आदि लगाकर अपने फिश टैंक को अपने हिसाब से सजा सकते हैं। कृत्रिम पौधे या प्राकृतिक बिंदु निश्चित रूप से सुनहरी मछली को समुद्र जैसा वातावरण प्रदान करेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि मछली मछलीघर में सुखद रूप से रह सके।

एक्वेरियम की साफ सफाई पर ध्यान दें

मछली को लंबे समय तक सक्रिय रखने के लिए, आपको सप्ताह में कम से कम एक बार या 10 दिनों में एक्वेरियम को साफ करना चाहिए। सफाई करते समय आपको कुछ बिंदुओं पर ध्यान देने की आवश्यकता होती है जैसे पानी को साफ करते समय आपको सारा पानी नहीं बदलना चाहिए। यदि आप सप्ताह में एक बार फिश टैंक की सफाई करते हैं तो आपको कंटेनर के पानी का केवल 10 या 15 प्रतिशत ही बदलना चाहिए और यदि आप 15 या 20 दिनों में टैंक को साफ करते हैं तो आपको केवल 30 से 50 प्रतिशत पानी बदलने की आवश्यकता है।

गोल्डफिश का उपचार

गोल्डफिश का साइंटिफिक नाम किसी भी मछली को पालने के लिए आपको उसकी पूरी देखभाल करने की जरूरत होती है। आप भी मछली के व्यवहार को समझने की कोशिश करते हैं। यदि आप मछली के कार्यों को थोड़ा अलग पाते हैं, तो आप तुरंत समझ सकते हैं कि मछली बीमार है और इसका इलाज भी कर सकते हैं। यदि आप मानते हैं कि आपकी सुनहरी मछली या अन्य मछलियाँ बीमार हैं, तो आपको उन्हें तुरंत एक जलीय कृषि पशु चिकित्सक को दिखाना होगा और साथ ही उनका इलाज भी कराना होगा।

शुबंकिन गोल्डफिश (Shubunkin Goldfish)

गोल्डफिश का साइंटिफिक नाम क्या है शुबंकिन मछली का शरीर सामान्य सुनहरी मछली के समान होता है, इसका रंग लगातार कैलिको होता है। यह मछली लंदन में अधिक पाई जाती है। आम सुनहरी मछली की तरह, शुबंकिन मछली में भी संक्षिप्त पंख, एक छोटी पूंछ और एक पतला शरीर होता है। शुबंकिन की तीन श्रेणियां हैं, जिन्हें लंदन शुबंकिन, अमेरिकन शुबंकिन और साथ ही ब्रिस्टल शुबंकिन कहा जाता है।
 

कॉमेट गोल्डफिश (Comet Goldfish)

गोल्डफिश का साइंटिफिक नाम क्या है धूमकेतु वास्तव में विशिष्ट मछली के समान है, फिर भी इसकी शानदार विस्तारित और अच्छी तरह से विभाजित पूंछ पंख को और अधिक स्टाइलिश बनाती है। आम सुनहरी मछली की तरह, धूमकेतु एक अच्छे आकार की मछली (लगभग 30– 35 सेमी) है, जो वास्तव में ऊर्जावान है और इसके परिणामस्वरूप एक बहुत विशाल स्विमिंग रूम (न्यूनतम 150– 200 लीटर प्रति मछली या बेहतर कंटेनर) की आवश्यकता होती है।
 

अमेरिकी / जापानी शुबंकिन (American/ Japanease Shubunkin)

गोल्डफिश का साइंटिफिक नाम क्या है अमेरिकी शुबंकिन, सीधे शब्दों में कहें, एक कैलिको रंग की धूमकेतु मछली है। इसके पंख एक बिंदु पर समाप्त होते हैं। और यह लंबा भी है। इसका शरीर पतला और नुकीला होता है। यह विशाल मछली टैंक (150– 200 लीटर प्रति मछली) या मछली तालाब में 20 से 35 सेंटीमीटर तक पहुंच सकता है।

ब्रिस्टल शुबंकिन (Bristol Shubunkin)

गोल्डफिश का साइंटिफिक नाम क्या है ब्रिस्टल शुबंकिन का दुम का पंख बहुत चौड़ा है, जो इसे अन्य शुबंकिन्स से अलग करता है। इसके लिए बहुत बड़े तैराकी स्थान की आवश्यकता होती है (न्यूनतम 150-200 लीटर प्रति मछली या बेहतर बेसिन)।

अंतिम शब्द

दोस्तों इस पोस्ट में आपको यह पता चल गया होगा कि goldfish ka scientific naam kya hai गोल्डफिश का साइंटिफिक नाम क्या है और इस पोस्ट में GoldFish के बारे में जो जानकारी दी गयी है वो आपको पसंद आयी होगी और अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आया तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करना ना भूले । यदि आपको इससे रिलेटेड कोई भी समस्या हो तो आप हमसे पूछ सकते हैं । ज्यादा जानकारी के लिए Howcando.in पर जाए ।

Leave a Comment